Maharshi Bharadwaj | महर्षि भरद्वाज | Saptrishi Mandal | Saptrishi Story | Saptrishi Kahani – महाकाल लोक, उज्जैन

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Maharshi Bharadwaj | महर्षि भरद्वाज | Saptrishi Mandal | Saptrishi Story | Saptrishi Kahani

 

देवगुरु बृहस्पति के पुत्र , ऋंगवेद के छठे मंडल के दृष्टा तथा भरद्वाजस्मृति , भरद्वाजसंहिता एवं विमानशास्त्र के रचयिता |

                                                     Maharshi Bharadwaj

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | FAQ

महाकाल लोक उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर के समीप बनाया गया भव्य कॉरिडोर है जो भगवान शिव की लीलाओं को 108 स्तंभों और 52 मूर्तियों के माध्यम से दर्शाता है।
महाकाल लोक में प्रवेश निःशुल्क है। यह सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खुला है।
महाकाल लोक प्रातः 4:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक खुला रहता है। रात्रि के समय यहाँ की लाइटिंग अत्यंत मनोरम होती है।