गेबी हनुमान मंदिर उज्जैन के प्रसिद्ध और श्रद्धा के केंद्रों में से एक है। यह मंदिर भगवान हनुमान जी को समर्पित है और अपनी प्राचीन मान्यताओं तथा चमत्कारी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर चंद्रशेखर आज़ाद मार्ग (कमरी मार्ग), उज्जैन पर स्थित है और महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु यहां भी अवश्य पहुंचते हैं।
लोकमान्यता के अनुसार, "गेबी" शब्द का अर्थ गुप्त या रहस्यमयी माना जाता है। कहा जाता है कि वर्षों पहले एक भक्त को स्वप्न में हनुमान जी ने इस स्थान से अपनी प्रतिमा प्रकट करने का संकेत दिया, जिसके बाद यहां मंदिर की स्थापना हुई। तभी से यह स्थान भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया।
मंदिर में प्रतिदिन हिंगलू (लाल सिंदूर) और चमेली के तेल से हनुमान जी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। भक्त गुड़ और चना का प्रसाद अर्पित करते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां दर्शन करने से बुरी नजर, नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं से रक्षा होती है। मंदिर से मिलने वाला अभिमंत्रित काला धागा (गोप) भी श्रद्धालु रक्षा-सूत्र के रूप में धारण करते हैं।
विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। हनुमान जयंती और अन्य धार्मिक अवसरों पर मंदिर में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया जाता है। स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच यह मंदिर अपनी शांत, आध्यात्मिक और चमत्कारी पहचान के लिए प्रसिद्ध है।
मुख्य आकर्षण
- प्राचीन एवं चमत्कारी हनुमान मंदिर
- हिंगलू और चमेली के तेल से विशेष श्रृंगार
- गुड़-चना प्रसाद अर्पित करने की परंपरा
- अभिमंत्रित काला धागा (गोप) की मान्यता
- मंगलवार और शनिवार की विशेष पूजा एवं आरती
- महाकाल मंदिर के निकट प्रमुख दर्शनीय धार्मिक स्थल