उज्जैन – महाकालेश्वर मंदिर
होम› ट्रैवल गाइड› सबसे अच्छा समय › श्री महाकालेश्वर मंदिर कब खुलता है? दर्श...
सबसे अच्छा समय

श्री महाकालेश्वर मंदिर कब खुलता है? दर्शन, भोग और शयन आरती की पूरी समय सारणी

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर के खुलने और बंद होने का समय, भस्म आरती, दद्योदक आरती, भोग आरती, संध्या आरती, शयन आरती और सामान्य दर्शन की प...

7 मिनट पढ़ें अपडेट: 27 अक्टू. 2026 उज्जैन, मध्यप्रदेश 1,213 शब्द
सड़क मार्ग
NH-752 · इंदौर 55 किमी
विवरण
रेल मार्ग
उज्जैन जंक्शन
विवरण
हवाई मार्ग
इंदौर एयरपोर्ट 55 किमी
विवरण
बस मार्ग
MPSRTC प्रति घंटे
विवरण
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर के खुलने और बंद होने का समय, भस्म आरती, दद्योदक आरती, भोग आरती, संध्या आरती, शयन आरती और सामान्य दर्शन की पूरी जानकारी प्राप्त करें।
पढ़ने का समय: 7 मिनट प्रकाशित: 1,213 शब्द
शेयर करें: WhatsApp Facebook X

    श्री महाकालेश्वर मंदिर कब खुलता है? दर्शन, भोग और शयन आरती की पूरी समय सारणी

    मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भगवान शिव के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचते हैं। यदि आप मंदिर जाने की योजना बना रहे हैं, तो दर्शन का समय, भस्म आरती, भोग आरती, संध्या आरती और रात की शयन आरती की जानकारी पहले से जानना उपयोगी है।

    इस लेख में मंदिर की सामान्य दर्शन अवधि, मौसमी आरती समय-सारणी, ऑनलाइन बुकिंग और यात्रा से जुड़ी जरूरी बातों को विस्तार से बताया गया है।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर कब खुलता और बंद होता है?

    भारत सरकार के पर्यटन पोर्टल Incredible India पर प्रकाशित जानकारी के अनुसार, श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन सामान्यतः सुबह 4:00 बजे से रात 11:00 बजे तक होते हैं। हालांकि, विशेष धार्मिक आयोजनों और प्रशासनिक निर्देशों के कारण प्रवेश व्यवस्था में बदलाव हो सकता है।

    • दर्शन शुरू होने का समय: सुबह 4:00 बजे।
    • दर्शन समाप्त होने का सामान्य समय: रात 11:00 बजे।
    • भस्म आरती: सुबह 4:00 से 6:00 बजे।
    • भोग आरती: सुबह 10:00 से 10:45 बजे या मौसमी कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 से 11:15 बजे तक।
    • शयन आरती: रात 10:30 से 11:00 बजे।

    सामान्य दर्शन और विशेष आरती में प्रवेश की व्यवस्था अलग हो सकती है। यात्रा से पहले मंदिर की आधिकारिक समय-सारणी अवश्य देखें।

    महाकाल मंदिर की पूरी दैनिक आरती समय सारणी

    श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति दो मौसमी समय-सारिणियां प्रकाशित करती है। इनमें आरतियों के समय हिंदू पंचांग की अवधि के अनुसार अलग-अलग दिए गए हैं।

    आरती चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से आश्विन पूर्णिमा कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन पूर्णिमा
    भस्म आरती सुबह 4:00–6:00 बजे सुबह 4:00–6:00 बजे
    दद्योदक आरती (बाल भोग) सुबह 7:00–7:45 बजे सुबह 7:30–8:15 बजे
    भोग आरती सुबह 10:00–10:45 बजे सुबह 10:30–11:15 बजे
    संध्या आरती शाम 7:00–7:45 बजे शाम 6:30–7:15 बजे
    शयन आरती रात 10:30–11:00 बजे रात 10:30–11:00 बजे

    महत्वपूर्ण: ये मंदिर की प्रकाशित आरती समय-सारणी के अनुसार सामान्य समय हैं। त्योहारों, श्रावण मास और विशेष पूजा के दौरान अलग व्यवस्था लागू हो सकती है।

    1. भस्म आरती का समय और बुकिंग

    भस्म आरती श्री महाकालेश्वर मंदिर की विशिष्ट धार्मिक परंपरा है। यह सुबह आयोजित होती है और देशभर से श्रद्धालु इसमें शामिल होने के लिए उज्जैन आते हैं।

    • समय: सुबह 4:00 से 6:00 बजे।
    • बुकिंग: मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से।
    • जरूरी तैयारी: बुकिंग की पुष्टि, पहचान पत्र और प्रवेश संबंधी निर्देशों की जांच करें।

    भस्म आरती में शामिल होने के लिए उपलब्धता और अनुमति संबंधी नियम लागू होते हैं। केवल मंदिर खुलने के समय पहुंचने से आरती में प्रवेश की गारंटी नहीं मिलती।

    भस्म आरती की आधिकारिक बुकिंग सेवा

    2. दद्योदक आरती या बाल भोग का समय

    दद्योदक आरती सुबह की प्रमुख पूजा है। इस दौरान भगवान महाकाल को बाल भोग अर्पित किया जाता है। इसकी प्रकाशित समय-सारणी दो मौसमी अवधियों में अलग है।

    • चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से आश्विन पूर्णिमा: सुबह 7:00 से 7:45 बजे।
    • कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन पूर्णिमा: सुबह 7:30 से 8:15 बजे।

    यदि आप सुबह दर्शन करना चाहते हैं, तो आरती के समय और उस दिन की प्रवेश व्यवस्था को ध्यान में रखकर पहुंचें।

    3. भोग आरती का समय

    भोग आरती में भगवान महाकाल को भोग अर्पित किया जाता है। यह दिन की प्रमुख पूजाओं में शामिल है।

    • चैत्र से आश्विन की अवधि: सुबह 10:00 से 10:45 बजे।
    • कार्तिक से फाल्गुन की अवधि: सुबह 10:30 से 11:15 बजे।

    दर्शन की कतार और पूजा व्यवस्था में उस दिन बदलाव संभव है। इसलिए किसी निश्चित समय पर दर्शन पूरा होने की गारंटी मानकर यात्रा की योजना न बनाएं।

    4. संध्या आरती का समय

    संध्या आरती शाम को आयोजित होती है। श्रद्धालु इस समय भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना करते हैं।

    • चैत्र से आश्विन की अवधि: शाम 7:00 से 7:45 बजे।
    • कार्तिक से फाल्गुन की अवधि: शाम 6:30 से 7:15 बजे।

    मंदिर की वेबसाइट पर संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग सेवा उपलब्ध है। बुकिंग के नियम, प्रवेश द्वार और रिपोर्टिंग समय की पुष्टि पहले करें।

    आधिकारिक आरती और दर्शन बुकिंग सेवाएं देखें

    5. शयन आरती और शयन काल का समय

    शयन आरती रात की प्रमुख पूजा है, जिसके साथ दिन के धार्मिक अनुष्ठानों का समापन होता है। मंदिर की प्रकाशित समय-सारणी के अनुसार यह आरती रात 10:30 से 11:00 बजे तक होती है।

    यदि आप शयन आरती में शामिल होना चाहते हैं, तो पहले से बुकिंग और प्रवेश संबंधी निर्देश जांचें। सामान्य दर्शन और आरती के लिए निर्धारित प्रवेश नियम अलग हो सकते हैं।

    शयन आरती की आधिकारिक बुकिंग सेवा देखें

    सामान्य दर्शन के लिए सबसे अच्छा समय कौन-सा है?

    सामान्य दर्शन के लिए कम भीड़ वाला कोई निश्चित समय हर दिन उपलब्ध हो, इसकी गारंटी नहीं है। भीड़ सप्ताहांत, छुट्टियों, सावन सोमवार, महाशिवरात्रि और विशेष आयोजनों के अनुसार बदलती है।

    • सुबह जल्दी: दिन की शुरुआत में दर्शन की योजना बनाएं, लेकिन भस्म आरती के समय भीड़ हो सकती है।
    • सुबह की आरतियों के बाद: आरती की भीड़ के बाद दर्शन के लिए जाने पर विचार करें।
    • दोपहर: जाने से पहले मंदिर की प्रवेश व्यवस्था और विशेष पूजा संबंधी सूचना जांचें।
    • शाम: संध्या आरती के आसपास संभावित भीड़ को ध्यान में रखें।

    यदि आप परिवार या बुजुर्गों के साथ जा रहे हैं, तो अतिरिक्त समय रखें और मंदिर प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

    ऑनलाइन दर्शन और आरती बुकिंग कैसे करें?

    1. श्री महाकालेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
    2. शीघ्र दर्शन, भस्म आरती, संध्या आरती या शयन आरती से संबंधित सेवा चुनें।
    3. उपलब्ध तारीख, स्लॉट और प्रवेश संबंधी नियम पढ़ें।
    4. आवश्यक जानकारी भरकर वेबसाइट पर बताई गई प्रक्रिया पूरी करें।
    5. बुकिंग की पुष्टि और निर्देश सुरक्षित रखें।

    बुकिंग की उपलब्धता और शुल्क बदल सकते हैं। अनधिकृत एजेंटों के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें।

    महाकाल दर्शन के लिए जरूरी सुझाव

    • यात्रा से पहले मंदिर की नवीनतम समय-सारणी जांचें।
    • भस्म आरती के लिए बुकिंग और प्रवेश अनुमति की पुष्टि करें।
    • पहचान पत्र और बुकिंग की पुष्टि साथ रखें।
    • श्रावण मास और प्रमुख त्योहारों में अतिरिक्त समय लेकर चलें।
    • मोबाइल, कैमरा और सामान पर लागू प्रतिबंधों की जानकारी लें।
    • मंदिर के सुरक्षा कर्मियों और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    महाकालेश्वर मंदिर सुबह कितने बजे खुलता है?

    प्रकाशित सामान्य दर्शन समय के अनुसार मंदिर सुबह 4:00 बजे से खुलता है। विशेष अवसरों पर प्रवेश व्यवस्था बदल सकती है।

    भोग आरती कितने बजे होती है?

    मौसमी समय-सारणी के अनुसार भोग आरती सुबह 10:00 से 10:45 बजे या सुबह 10:30 से 11:15 बजे तक होती है।

    शयन आरती कितने बजे होती है?

    शयन आरती सामान्यतः रात 10:30 से 11:00 बजे तक होती है।

    क्या महाकाल मंदिर रात 11 बजे बंद हो जाता है?

    प्रकाशित सामान्य दर्शन समय रात 11:00 बजे तक है। उस दिन के अंतिम प्रवेश और विशेष पूजा संबंधी नियम आधिकारिक वेबसाइट पर जांचें।

    महाकाल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट कौन-सी है?

    मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट shrimahakaleshwar.mp.gov.in है।

    निष्कर्ष

    श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की भस्म आरती से लेकर रात की शयन आरती तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। प्रकाशित सामान्य दर्शन अवधि सुबह 4:00 बजे से रात 11:00 बजे तक है। भोग, दद्योदक और संध्या आरती का समय मौसमी कार्यक्रम के अनुसार बदलता है।

    उज्जैन पहुंचने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर आरती समय-सारणी, बुकिंग की उपलब्धता और प्रवेश नियमों की पुष्टि करें, ताकि आपकी महाकाल दर्शन यात्रा सुविधाजनक रहे।

    आधिकारिक स्रोत और संपर्क

    मंदिर हेल्पलाइन: 1800-233-1008

    उज्जैन यात्रा टिप्स
    • अक्टूबर से मार्च – उज्जैन यात्रा का सबसे सुखद मौसम।
    • भस्म आरती के लिए 2 सप्ताह पहले ऑनलाइन बुकिंग करें।
    • इंदौर हवाई अड्डा (55 किमी) सबसे नज़दीकी है — टैक्सी/बस उपलब्ध।
    • महाकाल मंदिर परिसर में शालीन वस्त्र पहनना अनिवार्य है।
    • राम घाट पर शाम की आरती सूर्यास्त पर होती है — अवश्य देखें।
    • Mahakal Lok कॉरिडोर: सुबह जल्दी जाएं, भीड़ कम रहती है।
    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
    भारत सरकार के पर्यटन पोर्टल Incredible India पर प्रकाशित जानकारी के अनुसार, श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन सामान्यतः सुबह 4:00 बजे से रात 11:00 बजे तक होते हैं। हालांकि, विशेष धार्मिक आयोजनों और प्रशासनिक निर्देशों के कारण प्रवेश व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। दर्शन शुरू होने का समय: सुबह 4:00 बजे। दर्शन समाप्त होने का सामान्य समय: रात 11:00 बजे। भस्म आरती: सुबह 4:00 से 6:00 बजे। भोग आरती: सुबह 10:00 से 10:45 बजे या मौसमी कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 से 11:15 बजे तक। शयन आरती: रात 10:30 से 11:00 बजे। सामान्य दर्शन और विशेष आरती में प्रवेश की व्यवस्था अलग हो सकती है। यात्रा से पहले मंदिर की आधिकारिक समय-सारणी अवश्य देखें।
    सामान्य दर्शन के लिए कम भीड़ वाला कोई निश्चित समय हर दिन उपलब्ध हो, इसकी गारंटी नहीं है। भीड़ सप्ताहांत, छुट्टियों, सावन सोमवार, महाशिवरात्रि और विशेष आयोजनों के अनुसार बदलती है। सुबह जल्दी: दिन की शुरुआत में दर्शन की योजना बनाएं, लेकिन भस्म आरती के समय भीड़ हो सकती है। सुबह की आरतियों के बाद: आरती की भीड़ के बाद दर्शन के लिए जाने पर विचार करें। दोपहर: जाने से पहले मंदिर की प्रवेश व्यवस्था और विशेष पूजा संबंधी सूचना जांचें। शाम: संध्या आरती के आसपास संभावित भीड़ को ध्यान में रखें। यदि आप परिवार या बुजुर्गों के साथ जा रहे हैं, तो अतिरिक्त समय रखें और मंदिर प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
    श्री महाकालेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट खोलें। शीघ्र दर्शन, भस्म आरती, संध्या आरती या शयन आरती से संबंधित सेवा चुनें। उपलब्ध तारीख, स्लॉट और प्रवेश संबंधी नियम पढ़ें। आवश्यक जानकारी भरकर वेबसाइट पर बताई गई प्रक्रिया पूरी करें। बुकिंग की पुष्टि और निर्देश सुरक्षित रखें। बुकिंग की उपलब्धता और शुल्क बदल सकते हैं। अनधिकृत एजेंटों के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें।
    प्रकाशित सामान्य दर्शन समय के अनुसार मंदिर सुबह 4:00 बजे से खुलता है। विशेष अवसरों पर प्रवेश व्यवस्था बदल सकती है।
    मौसमी समय-सारणी के अनुसार भोग आरती सुबह 10:00 से 10:45 बजे या सुबह 10:30 से 11:15 बजे तक होती है।
    शयन आरती सामान्यतः रात 10:30 से 11:00 बजे तक होती है।
    About Ujjain Team

    लेखक / Author

    About Ujjain Team

    About Ujjain एक समर्पित टीम है जो उज्जैन की संस्कृति, धर्म, पर्यटन और समाचार को डिजिटल रूप से प्रस्तुत करती है। हम Mahakal Lok, मंदिर, ऐतिहासिक स्थानों और उज्जैन की हर खबर को सटीक जानकारी के साथ साझा करते हैं।

    अभी शुरू करें

    उज्जैन की यात्रा की योजना बनाएं

    हमारे विस्तृत गाइड और अपडेटेड जानकारी के साथ उज्जैन की हर जगह को आसानी से एक्सप्लोर करें।